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दिवाली उदासी पैसेकालोभहैबुरा दीपोत्सव स्वयं प्रतीक्षा प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर ईमानदारी शितलविचार किसीकीलाचारीलिखतीहूँकिसीकीबेकारीलिखतीहूँ चेतना दो अलग बात शुरुआत स्थूल अंतर्मन कलुषित आलोकित कर लें जीव बाहर फकत दिखावा अंतर्मन प्रेरणा भयभीत जगत

Hindi अंतर्मन चेतना Quotes